Saturday, May 21, 2011
Tuesday, February 22, 2011
Think a few minute
ऊचे सोच वाले लोग यह भूल जाते है कि जो वे कह रहे है वैसा नहीं है
जबकि सभी लोग अपनी जगह सही सोच रहे है पर फिर भी उनकी कोइ भी नहीं सुनता है
तो फिर वो समाज के लिए क्यों सोचे जैसा कलयुग में चल रहा है उसी में वह भी अपना उल्लू सीधा करने में लगा है
फिर भी एक मिनिट के लिए यह तो सोचना होगा कि वह भारत के लिए कुछ सोचे
Saturday, February 12, 2011
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