Tuesday, February 22, 2011

Think a few minute

ऊचे सोच वाले लोग यह भूल जाते है कि जो वे कह रहे है वैसा नहीं है 

जबकि सभी लोग अपनी जगह सही सोच रहे है पर फिर भी उनकी कोइ भी नहीं सुनता है 
तो फिर वो समाज के लिए क्यों सोचे जैसा कलयुग में चल रहा है उसी में वह भी अपना उल्लू सीधा करने में लगा है 
फिर भी एक मिनिट के लिए यह तो सोचना होगा कि वह भारत के लिए कुछ सोचे

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